मेरे अपने घर के भी सौ दर्द— मेरी राह देखते हैं।
खुला आसमान है, फिर भी हम कैद से लगते हैं,
तुझे क्या मिलेगा तू ही बता, मुझे उलझनों में डालकर…!
सुना है कोई है नही तुम्हारे पास मन बहलाने को
ज़िन्दगी में गम नहीं फिर इसमें क्या मजा,
मोहब्बत में हार कर भी तुझे याद करता हूँ,
क्योंकि भीड़ में भी मेरे Sad Shayari in Hindi अपने नहीं थे।
मुझसे ज्यादा तुझे मेरी आंखें चाहती हैं
हिम्मत तो रखता हूँ दुनिया से जीत जाने की,
हँसना–हँसाना तो बस मेरा एक पुराना हुनर है।
उसका दिल टूटा था बस उसको एक सहारे की जरूरत थी…!
यह बात अलग है मिले तो तुम भी नहीं कभी हमें
ज़िंदगी के दर्द को मुस्कान में छिपा गए हैं।
इस दुनिया की हलचल से कहीं दूर चला जाऊँ…